हमारे आसपास लगातार, कुछ न कुछ अनपेक्षित, अचानक घटित होता रहता है I यही हमारी दुनिया है सुख दुख, रिश्ते नाते, घर, नदी, पहाड़, सड़क, आसमान, बादल जो शब्दों के आकार में स्थायी हो जाते हैं कागज पर कविता की तरह I
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मैं एक आम गृहिणी हूँ ।मेरी दुनिया मेरे परिवार के ही इर्द गिर्द घूमती है,बहुत छोटे से दायरे में ।इसी दायरे की हवा में तैरते सारे सुख दुःख,रिश्ते नातों,अहसासों का एक संग्रह है कविताओं के रूप में ।इस संग्रह की ज़्यादातर कविताएँ मेरे कॉलेज के दिनों की हैं ।समय और परिस्थितियों के अनुसार कविताओं के संदर्भ और विषयों में बहुत बदलाव होता रहा है ।मेरी प्रारंभिक शिक्षा जबलपुर और ग्वालियर मध्य प्रदेश में हुई ।रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर से M.Phil. समाजशास्त्र से पूर्ण किया ।खैरागढ़ विश्वविद्यालय से गायन में M.A.की डिग्री प्राप्त की ।
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