पावर कैपेसिटर: Power Capacitor (Hindi Edition) - Softcover

रनवीर सिंह

 
9798888337240: पावर कैपेसिटर: Power Capacitor (Hindi Edition)

Synopsis

पावर कैपेसिटर  कैपेसिटर (कंडेंसर) सिंगल फेज व्यवस्था में इलेक्ट्रिक पंखा (फैन) और सिगल फेज इलेक्ट्रिक मोटर को घुमाने के लिए टार्क (घूर्णन) का काम करता है । यदि कैपेसिटर नहीं हो तो इलेक्ट्रिक पंखा (फैन) व सिंगल फेज इलेक्ट्रिक मोटर दोनों नहीं घूमेंगे । इनको (फैन, मोटर) घुमाने का काम कैपेसिटर (एक फेज को दो में विभाजित कर) करता है । थ्री फेज व्यवस्था में इन्डकटेन्स लोड (भार) को संतुलित करने के लिए कैपेसिटेंस लोड (भार) अर्थात कैपेसिटर का उपयोग किया जाता है । इससे पावर फेक्टर (शक्ति गुणांक) (पी ऍफ़ – PF) में सुधार तथा वोल्टेज में सुधार होता है । सूत्र - पावर फेक्टर (पी ऍफ़ – PF) = (KW/KVA = किलोवाट/केवीए). पावर फेक्टर में सुधार से उपभोक्ता का बिल कम आता है तथा विद्युत आपूर्ति कम्पनी को वोल्टेज सुधार के साथ हानि कम होती है ।  उपभोक्ता को कैपेसिटर, मोटर की क्षमता के अनुसार लगाना होता है। विद्युत आपूर्ति संस्थाओं को कैपेसिटर, ट्रांसफार्मर के पास (नजदीक/समीप), ट्रांसफार्मर की क्षमता अनुरूप लगाने होते हैं।   साधारण नियम से एचपी अथवा ट्रांसफार्मर की केवीए क्षमता की चौथाई क्षमता का कैपेसिटर (केवीएआर) उपयोग करते हैं ।  एक 10 हॉर्स पावर मोटर के लिए 2.5 केवीएआर क्षमता का कैपेसिटर लगाना होता है । कैपेसिटर की कीमत लगभग एक से दो माह के विद्युत बिल के बचत के समतुल्य होती है । साधारणत: 11 केवी साइड में 1 एम्पीयर करेंट 20 केवीए के समतुल्य तथा पीएफ 0.8 मानकर 16 किलोवाट का लोड 1 घंटे में 16 यूनिट की कीमत रूपए 100 होती है । यदि कैपेसिटर एक 11 केवी फीडर पर 10 एम्पीयर की बचत से 1 घन्टे में रूपए 1000 की बचत होती है और 20 एम्पीयर बचत से रूपए 2000 की बचत होती है । 

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