Items related to पाइका (दी...

पाइका (दी ब्रेव हार्ट्स) (Hindi Edition) - Softcover

सुब्रत कुमार रथ

 
9798903925629: पाइका (दी ब्रेव हार्ट्स) (Hindi Edition)

Synopsis

'पाइका: द ब्रेव हार्ट्स' भारत के उस प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवमयी गाथा है, जिसे हिंदी भाषा में पहली बार इतने विस्तार और सजीवता से प्रस्तुत किया गया है। सन् १८१७ ("अठारह सौ सत्रह") में उत्कल (ओडिशा) की पावन धरा पर छिड़ा यह विद्रोह केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं, बल्कि ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला देने वाला महासंग्राम था। इस विद्रोह का लोहा न केवल उत्कल और भारत के इतिहास ने, बल्कि विश्व इतिहास ने भी माना है।यह पुस्तक उन पन्नों को पलटती है जहाँ ब्रिटिश राज के शुरुआती दौर में हुए अत्याचारों, चौगुने लगान की मार, नमक के व्यापार पर जब्ती और कठोर मुद्रा नीति का सठीक वर्णन है। पाठक इस यात्रा में साक्षी बनेंगे कि कैसे 'बक्शी जगबंधु' ने इन अन्यायों के विरुद्ध बिगुल फूंका और कैसे भारतवर्ष के प्रथम शहीद 'जय राजगुरु' का सर्वोच्च बलिदान इस क्रांति की मशाल बना।इस पुस्तक की मुख्य विशेषताएँ:रणकौशल का चित्रण: कैसे मुट्ठी भर पाइक योद्धाओं के पराक्रम के सामने अंग्रेज कप्तान, कर्नल और लेफ्टिनेंट नतमस्तक हो गए।प्रेरणा की ज्वाला: बक्शी जगबंधु के ओजस्वी नेतृत्व में 30 वर्षों तक चले इस संघर्ष का विस्तृत विवरण।ऐतिहासिक जुड़ाव: यह पुस्तक प्रमाणित करती है कि १८५७ ("अठारह सौ सत्तावन") के सिपाही विद्रोह की ज्वाला इसी 'पाइका विद्रोह' से सुलगी थी।अज्ञात नायक: उन गुमनाम नायकों की गाथाएं जिन्होंने देश के बड़े युद्धों में भाग लेकर इतिहास रचा।यह किताब केवल इतिहास का वर्णन नहीं है, बल्कि उत्कल के उन वीर पुत्रों के प्रति एक श्रद्धांजलि है जिन्हें सुनकर पाठक स्तब्ध और अभिभूत हो जाएंगे। यदि आप भारत की वास्तविक वीरता और स्वाभिमान के इतिहास को अपने हृदय में स्थान देना चाहते हैं, तोयहपुस्तकआपकेलिएहीहै।

"synopsis" may belong to another edition of this title.