विद्युत उपयोग में मीटर बहुत महत्वपूर्ण उपकरण होता है, आज के माहौल में यह और भी महत्वपूर्ण बन गया है जब ऊर्जा संरक्षण और संसाधन का संरक्षण पर बहुत ज़ोर दिया जा रहा है ।ऊर्जा की माप पर ध्यान देते समय यह स्पष्ट हो जाता है कि मीटर ऊर्जा माप का एक अंग है और इसलिए सही मीटर बहुत जरूरी हो जाता है बल्कि कुल मिलाकर, जिससे एसोसिएटिड करेंट और पोटेन्शियल ट्रांसफार्मर और अन्य वायरिंग प्रैक्टिसेज शामिल हैं ।जब एनर्जी मीटर की बात करते हैं, तो हमारे सामने एक दृश्य आ जाता है जिसमें इंडकशन डिस्क बाएँ से दायें घूम रही है और ड्रम टाइप रजिस्टरों के सेट के जरिए एनर्जी दर्ज की जा रही है ।लेकिन अब नये - नये यंत्र निकल पड़ें हैं और माइक्रोप्रोसेसर आधारित मीटर बाजार में आ गये हैं जिससे मीटर प्रणाली में क्रान्ति आ गई है ।अब बाजार में बड़ी संख्या में माइक्रोप्रोसेसर मीटर उपलब्ध हैं जिनमें कई प्रकार के आंकड़े/डाटा इकट्ठे किये जाते हैं । इन आंकड़ों को इलेक्ट्रोनिक यंत्रों द्वारा सीधे या परोक्ष (डायरेक्ट/इंडायरेक्ट) रूप से मॉडम पर निकाला जा सकता है ।